(रशीद कुरैशी)
महोबा जिलाधिकारी गजल भारद्वाज के स्पष्ट और सख्त निर्देशों के बावजूद महोबा में घरेलू गैस की होम डिलीवरी व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतरी नजर आ रही है। प्रशासन ने उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर के लिए भटकने से बचाने के उद्देश्य से गैस एजेंसी संचालकों को घर-घर सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन महोबा गैस सर्विस इन आदेशों को खुली चुनौती देती दिखाई दे रही है।

हालात यह हैं कि शहर के मिशन कंपाउंड मैदान में सैकड़ों की संख्या में इंडेन गैस सिलेंडर एकत्र कर दिए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि इतने संवेदनशील सामान को खुले मैदान में रखा गया है, जहां सुरक्षा के नाम पर कोई ठोस इंतजाम नजर नहीं आता। यह स्थिति किसी बड़े हादसे को भी न्योता दे सकती है।

दूसरी ओर, गैस सिलेंडर पाने के लिए उपभोक्ताओं को खुद एजेंसी तक पहुंचना पड़ रहा है। घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद लोगों को सिलेंडर मिलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर के लोगों का कहना है कि वर्षों से महोबा गैस सर्विस की ओर से घर-घर गैस सिलेंडर की सप्लाई लगभग बंद पड़ी है, जबकि उपभोक्ताओं से इसके लिए अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है।

प्रशासन लगातार यह कोशिश कर रहा है कि आम लोगों को राहत मिले और उन्हें गैस के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। लेकिन एजेंसी की लापरवाही और मनमानी से न सिर्फ उपभोक्ता परेशान हैं, बल्कि इससे जिला प्रशासन की छवि भी धूमिल करने का प्रयास हो रहा है।

अब सवाल यह है कि जिलाधिकारी के निर्देशों को इस तरह नजरअंदाज करने वाली एजेंसी के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी और क्या उपभोक्ताओं को उनकी हक की सुविधा मिल पाएगी या नहीं। शहर की निगाहें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
