(रशीद क़ुरैशी)
महोबा। जिले में वर्षों से चल रहे अवैध खनन परिवहन के संगठित खेल पर आखिरकार प्रशासन ने हथौड़ा चला दिया। कबरई क्षेत्र स्थित नई क्रेशर मंडी अलीपुरा के ॐ नमः शिवाय ग्रेनाइट पर छापेमारी कर बिना रॉयल्टी गिट्टी ढो रहे 16 ट्रकों को सीज किया गया, जिससे खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस, एआरटीओ और खनिज विभाग और प्रशासनिक अमले की संयुक्त टीम शामिल रही। छापेमारी के दौरान कांटा पर्ची, अवैध परिवहन दस्तावेज और रजिस्टर जब्त कर सीज किए गए, जो यह साबित करते हैं कि सरकारी राजस्व को खुलेआम लूटा जा रहा था और सिस्टम आंख मूंदे बैठा था।

सूत्रों का दावा है कि रॉयल्टी पोर्टल बंद होने के बावजूद धड़ल्ले से बिना रॉयल्टी गिट्टी बेची जा रही थी, और यह खेल बिना किसी रशूखदार की मिलीभगत के संभव नहीं माना जा रहा।
अब असली सवाल यह है कि क्या कार्रवाई सिर्फ 16 ट्रकों तक सीमित रहेगी?
या उस क्रेशर प्लांट पर भी गाज गिरेगी जो वर्षों से सरकारी खजाने पर “संगठित डकैती” डाल रहा था?
और उन रसूखदारो क्या, जिनकी छाया में यह अवैध नेटवर्क फल-फूल रहा था?

महोबा में अवैध खनन परिवहन कोई चोरी-छिपा कारोबार नहीं, बल्कि खुलेआम चलने वाला “पूर्ण अवैध धंधा” बन चुका है। आज की कार्रवाई से यह सवाल और गहरा हो गया है कि यह अभियान इन माफियाओं पर लगाम कसने को अब कमर कस ली है।
वही शहर में चर्चा है की
क्या खनन परिवहन माफिया पर असली वार होगा या फिर कुछ दिन की सुर्खियों के बाद सब कुछ पहले जैसा हो जाएगा?